बॉयकॉट चीन अभियान का हिस्सा बनें

 

दुनिया को कोरोना वायरस देने के बाद खुद की अर्थ व्यवस्था भी कमजोर होने, काम,धंधे प्रभावित होने, बेरोजगारी बढ़ने और कोरोना से हुई मौतें छुपाने से चीनी शासकों को विद्रोह का डर सता रहा है । क्रूर, तानाशाह चीनी शासक इनसे ध्यान हटाने के लिए वियतनाम, हांगकांग में हरकतें करने के साथ भारत के खिलाफ भी मोर्चा बना रहा है । लद्दाख सीमा पर उसने फौज खड़ी कर दी है तो भारत ने भी प्रतिरक्षा तैयारियां कर ली है । सेना और सरकार अपने तरीके से निपटने में सक्षम है । अब हमें भी चीन को सबक सिखाना है । तो आइए, चीन के सामान के बहिष्कार का सिलसिला प्रारंभ करें । मैं जानता हूं यह आसान नहीं , लेकिन असंभव तो कतई नहीं । हमारे जो कारोबारी बन्धु चीनी माल खरीद चुके हैं उनके सामने धर्म संकट है । हम उस सामान को फेंकने का नहीं कहते, लेकिन उनसे विनम्र आग्रह है कि आयंदा वे चीन से खरीदारी न करें । 


एक अनुमान के मुताबिक भारत प्रति वर्ष 5 लाख करोड़ रुपए का सामान चीन से खरीदता है । हमें चीन के सम्पूर्ण बहिष्कार में एक वर्ष भी लग जाए तो सोचिए हम उसकी आर्थिक रीढ़ तोड़ सकते हैं । साथ ही ये 5 लाख करोड़ रुपए भारतीय अर्थ व्यवस्था को मजबूती प्रदान कर सकते हैं ।

 

आइए, बॉयकॉट चीन प्रारंभ करें, भारत के नव निर्माण में योगदान दें, मेक इन इंडिया को अमृत पान कराएं । मैंने अपने फेस बुक पर बॉयकॉट चीन पेज बनाया है । कृपया, उसे समर्थन देकर देश के एकजुट होने का शंखनाद करें ।

 

- लेखक इंदौर के वरिष्ठ पत्रकार है 

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