MP : सिंधिया-अनुयायी दल बदलू पूर्व विधायकों की सीएम शिवराज से मुलाकात

May 21, 2020

 

वैश्विक महामारी कोरोना (COVID -19) संकट के बीच मध्यप्रदेश में राजनीतिक भी चरम पर है। एक ओर समूचा प्रदेश ही वायरस की जद में है तो दूसरी ओर उपचुनाव की तैयारियां तेज हो गई है, साथ ही शिवराज कैबिनेट के विस्तार की अटकलें भी जोरों पर है। प्राप्त जानकारी अनुसार ज्योतिरादित्य सिंधिया अनुयायी 22 पूर्व विधायको ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की, उल्लेखनीय है की दल बदले हुए इन सभी नेताओ की एक साथ सीएम से यह पहली मुलाकात रही।


विगत घटना क्रम में ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीजेपी में शामिल होते ही उनके अनुयायी 22 विधायकों ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था। इसके चलते कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस की सरकार अल्पमत में आ गयी । संभावना मानी जा रही है कि कैबिनेट विस्तार से पहले इस मुलाकात में मंत्री पद को लेकर चर्चा हो सकती है।

 

 

सिंधिया-अनुयायी 22 पूर्व विधायकों में से छह तत्कालीन सरकार में मंत्री थे। वर्तमान में पूर्व में से दो को शिवराज कैबिनेट में जगह मिल चुकी है। अब तक जो संकेत मिले हैं, उसके मुताबिक कैबिनेट विस्तार में 22-25 नए मंत्री शपथ ले सकते हैं। इनमें 7-8 मंत्री सिंधिया अनुयायी हो सकते हैं। यानी बाकी बचे 20 में से करीब एक-तिहाई ही मंत्री बनेंगे।  सिंधिया अनुयायी सभी पूर्व विधायकों को उपचुनाव में बीजेपी का टिकट मिलना करीब-करीब तय  भी माना जा रहा है। गौरतलब है की कई सीटों पर बीजेपी के स्थानीय नेता पार्टी के इस फैसले से संतुष्ट नहीं हैं। इधर, विगत विधान सभा में कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल हुए प्रेमचंद गुड्डू के दोबारा कांग्रेस में शामिल होने की अटकलें लग रही हैं। वे सिंधिया के अनुयायी नंबर 1 और शिवराज कैबिनेट में मंत्री तुलसी सिलावट को उपचुनाव में हराने की चुनौती दे रहे है।

 

इन सब उधेड़ बन में बीजेपी का सरदर्द खासा बढ़ा दिया है, सिंधिया अनुयायी पूर्व विधायकों को मंत्री सुख नहीं मिलेगा तो उन्हें संतुष्ट करना मुश्किल हो सकता है। दूसरी ओर, उसे अपनी पार्टी के नेताओं की उम्मीदों को पूरा करने में मुश्किलें आ रही हैं। कैबिनेट में एक-तिहाई सीटें 22 विधायकों के गुट को देने के बाद बीजेपी के लिए अपने वरिष्ठ और पुराने कद्दावर नेताओं को एडजस्ट करने में भी दिक्कतें आ रही हैं।

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