वायजेक गैस लीक: NGT का 50 करोड़ रुपये जमा करने के दिए आदेश

May 8, 2020

वायजेक गैस लीक (Gas Leak) मामले की जांच के लिए आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय (Andhra Pradesh High Court) के पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक पांच सदस्यीय समिति गठित की है

 

 

आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम ( Visakhapatnam) स्थित एलजी पॉलिमर इंडस्ट्री (LG Polymer Industry) के कारखाने में गुरुवार देर रात गैस लीक (Gas Leak) होने से हुई 11 लोगों की मौत के मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने कड़ा रुख किया है. एनजीटी ने एलजी पॉलिमर्स, पर्यावरण मंत्रालय, फॉरेस्ट एंड क्लाइमेट चेंज और सेंट्रल पलूशन कंट्रोल बोर्ड को नोटिस जारी हुए हादसे से हुए नुकसान के लिए एलजी पॉलिमर्स को प्रारंभिक राशि के तौर पर 50 करोड़ रुपये जमा करने के निर्देश दिए.

 

इसके साथ ही वायजेक गैस लीक मामले की जांच के लिए आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक पांच सदस्यीय समिति गठित की है. इसके साथ ही एनजीटी ने विशाखापट्टनम में गैस लीक की वजह से हुए नुकसान के एवज में एलजी पॉलिमर को 50 करोड़ रुपये देने के भी निर्देश दिए हैं. बता दें कि गैस के असर कम करने के लिए गुजरात से केमिकल पैरा टर्शरी ब्यूटाइल केटकॉल (पीटीबीसी) मंगाया गया है. देर रात एयर​ इंडिया के एक कार्गो प्लेन इसे लेकर विशाखापट्टनम पहुंचा. बताया जाता है कि पीटीबीसी का छिड़काव पूरे इलाके में कर दिया गया है. पीटीबीसी गुजरात के वापी और वलसाड जिले में बनता है. जब इसका हवा में छिड़काव किया जाता है, तो यह किसी भी तरह की गैस के असर को कम कर देता है.

 

विशाखापट्टनम के पुलिस आयुक्त ने बताया है कि एलजी पॉलिमर में स्थिति नियंत्रण में है. लोगों को चिंता करने की जरूरत नहीं है और वे अपने स्थानों पर रह सकते हैं. पांच गांवों के लोगों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है.

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