अगले 15 दिन कोरोना की दृष्टी से बहुत है अहम

May 7, 2020

 

 

लॉक डाउन 3.0 (lockdown) के अंतिम चरण में अब आगामी सप्ताह बहुत अहम् है.  बाहर  से घर लौट रहे प्रवासी मजदूर , शराब की दुकान पर लाईन में लगे शौक़ीन लोग और ग्रीन और ऑरेंज झोन में दुकानें खुलने पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करने वाले लोग भारत की कोरोना से जंग में सबसे कमज़ोर कड़ी साबित हो सकते हैं । आगामी समय में सभी को धैर्य रखने  और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की आवश्यकता है । ये कहना आसान है कि सरकार को शराब दुकानें और बाजार खोलने की क्या जरूरत थी लेकिन कोई भी परिवार , समाज , संस्था लम्बे समय तक घर बैठे नहीं चल सकती ।उसे चलाये रखने के लिऐ आर्थिक गतिविधि आवश्यक है । कोरोना के पहले भी हमारे गाँव शहर में शराब दुकान और सब्जी मंडी खुलती थी तब क्या हम ऐसे गदर मचाकर खरिदारी करते थे ? क्या अपने और अपने परिवार की सुरक्षा का ख्याल रखना प्रत्येक व्यक्ति की जवाबदारी नहीं ? नागरिको को जिम्मेदार बनने  की आवश्यकता है। भरे बाज़ारो या रोजमर्रा में हर व्यक्ति को छः फिट की दूरी बनाकर रखने की जरुरत है। बाहर से आए प्रवासी मजदूरों , लोगों , यात्रियों यहाँ तक कि आपके परिवारजन जो बाहर कहीं फँस गए थे और अब लौट कर आए हैं उन सभी का स्वास्थय परीक्षण करवाएँ और कोई लक्षण नहीं होने पर भी उन्हें 14 दिन सेल्फ क्वारंटाईन में रखना सबसे अहम् पहलु है।  

 

ग्राम पंचायतें , नगरीय  निकाय भी उनके यहाँ बाहर से आने वालों को अलग रखने की व्यवस्था करनी होगी व शासन प्रशासन को सम्बंधित कार्यवाही करनी होगी। संक्रमित व्यक्ति के शौच से भी कोरोना फैलने की खबरे भी है अतः खुले में शौच तो पूर्णतः प्रतिबंधित करने की आवश्यकता  है,जो बिना आमजन के ठाने होना नामुमकिन सा है। क्वारंटाईन में रखे लोगो के लिऐ पृथक शौचालय की व्यवस्था, हाथ धोने ,सैनेटाईजर के इस्तेमाल  को अब आदत बनाना होगा।  गरम पानी के सेवन, नाक और गले में भाप , आयुर्वेदिक  काढ़ा, अदरक का काढ़ा, अनावश्यक  बाहर न जाना, फल सब्जियाँ धोकर इस्तेमाल करना , घर का बना ताजा खाना , ठंडी चीजें न खाना , आदि सब आदते वैक्सीन व् बनाने तक जीवन चर्या में लाना होगा।  वर्तमान में भारत में कोरोना का डबलिंग रेट 11-12 दिन है लेकिन जरा सी असावधानी होने पर ये तेजी से फैल सकता है ।

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