खासे दबाव में शिवराज सिंह ने आखिरकार किया मिनी कैबिनेट का गठन

April 21, 2020

मिनी मंत्रिमंडल में क्षेत्रीय, जातीय और राजनीतिक समीकरणों का पूरा ध्यान रखा गया
चंबल-मालवा, बुंदेलखंड,नर्मदा अंचल के साथ सामान्य, पिछड़ा, आदिवासी, ओबीसी वर्ग को इसमें प्रतिनिधित्व दिया गया है.

 

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के करीब डेढ़ महीने बाद हुए इस मंत्रिमंडल विस्तार में फिलहाल 5 मंत्रियों को ही जगह दी गई है. इसीलिए इसे मिनी कैबिनेट भी कहा जा रहा है. इसमें नरोत्तम मिश्रा, कमल पटेल, तुलसीराम सिलावट, गोविंद सिंह राजपूत और मीना सिंह को शामिल किया गया है.भोपाल में राजभवन में राज्यपाल लालजी टंडन ने मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलायी.

 

शिवराज के इस मिनी मंत्रिमंडल में क्षेत्रीय, जातीय और राजनीतिक तीनों समीकरणों का पूरा ध्यान रखा गया है. ग्वालियर, चंबल, बुंदेलखंड, मालवा, विंध्य और मध्य क्षेत्र से एक-एक को कैबिनेट में शामिल किया गया है. वहीं, जातिगत समीकरण साधने के लिए ब्राह्मण, क्षत्रिय, अनुसूचित जाति-जनजाति और पिछड़ा वर्ग से एक-एक चेहरे को मंत्री बनाया गया है. कमलनाथ सरकार को गिराने और बीजेपी को सत्ता में लाने के अहम किरदार रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया के दो खासमखास समर्थकों तुलसीराम सिलावट और गोविंद राजपूत को मंत्री बनाकर राजनीतिक बैलेंस भी बनाए रखा गया है

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