MP: कोरोना मरीज़ों की संख्या बढ़कर 1348, 69 - मौत तो 102 ठीक होकर घर लौटे

April 18, 2020

 

मध्य प्रदेश (madhya pradesh) में कोरोना (corona) मरीज़ों की संख्या बढ़कर अब 1348 पहुंच चुकी है. जिसमे 102 मरीज़ स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं जबकि 69 की मौत हो गयी. मध्यप्रदेश में कोरोना पॉजिटिव  मरीजों की संख्या का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है. इनमें सबसे ज्यादा मरीजों की संख्या इंदौर  और भोपाल में है. वायरस से संक्रमित मरीजों के डेथ रेट के मामले में मध्य प्रदेश महाराष्ट्र और पंजाब के बाद तीसरे नंबर पर है. कोरोना से 12 फ़ीसदी मौतें केवल मध्यप्रदेश में ही हुई हैं.

 

पॉजिटिव मरीजों का बढ़ता ग्राफ

 

मध्य प्रदेश में अगर पिछले एक पखवाड़े के ग्राफ पर नज़र डालें तो मरीज़ों की तादाद लगातार बढ़ी है. 7 अप्रैल को 34 मरीज़ों की पहचान हुई. उसके अगले दिन 8 अप्रैल को 35, 9 अप्रैल 90, 10 अप्रैल 46, 11 अप्रैल को 79, 12 अप्रैल को 32, 13 अप्रैल को 40, 14 अप्रैल 126, 15 अप्रैल को 252 पॉजिटिव मरीज मिले. कोरोना से मरने वालों का डेथ रेट महाराष्ट्र में 6, पंजाब में 6.9 और  मध्यप्रदेश में 4.3 है.


इंदौर - 892 पॉजिटिव केस, 47 की मौत, 71 मरीज़ स्वस्थ (मरीजों में 16 अन्य राज्यों के)
मुरैना - 14 पॉजिटिव केस,7 स्वस्थ
उज्जैन - 28 पॉजिटिव केस, 6 की मौत,3 मरीज स्वस्थ
जबलपुर - 15 कोरोना पॉजिटिव मरीज, 6 मरीज स्वस्थ
भोपाल -186 कोरोना पीड़ित मरीज,6 की मौत, 4 मरीज स्वस्थ
ग्वालियर - 6 पॉजिटिव केस, 6 मरीज हुए स्वस्थ
शिवपुरी- 2 पॉजिटिव केस ,2 मरीज़ हुए स्वस्थ
खरगोन - 39 कोरोना पॉजिटिव ,3 मरीज की मौत, 3 मरीज़ स्वस्थ
छिंदवाड़ा - 4 कोरोना पॉजिटिव मरीज​,1 की मौत
बड़वानी -24 कोरोना पॉजिटिव केस
विदिशा - 13 पॉजिटिव केस
बैतूल - 1 पॉजिटिव केस
होशंगाबाद - 18 पॉजिटिव केस (2 का भोपाल में इलाज जारी)
श्योपुर - 4 पॉजिटिव केस
रायसेन - 7 पॉजिटिव केस
खंडवा - 33 पॉजिटिव केस
धार में 9 पॉजिटिव केस
देवास - 18 कोरोना पॉजिटिव मरीज,5 की मौत
शाजापुर - 4 कोरोना पॉजिटिव
सागर - 1 पॉजिटिव केस
मंदसौर - 8 पॉजिटिव केस, 1 की मौत
रतलाम - 12 पॉजिटिव केस
सतना - 2 पॉजिटिव केस
टीकमगढ़ - 1 पॉजिटिव केस
आगर मालवा - 6 पॉज़िटिव केस​
अलीराजपुर -1 पॉज़िटिव केस​​

एमपी में कोरोना से सबसे ज़्यादा संक्रमित शहर इंदौर (indore) में शुक्रवार 50 नये कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं. इसे मिलाकर इंदौर में पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़कर अब 892 हो गयी है. शहर में अब तक कुल 71 मरीजों को डिस्चार्ज किया जा चुका है. यहां मौत का आंकड़ा भी सबसे ज़्यादा है. इंदौर में अब तक कोरोना से 47 मरीजों की मौत हो चुकी है. इस बीच कलेक्टर मनीष ने जानकारी दी है कि कोरोना के संदिग्ध मरीज़ों के पिछले 15 दिन में आए सारे सैंपल्स की जांच करायी जा चुकी है.

 

कलेक्टर ने इंदौर के लोगों को आश्वस्त किया है कि प्रशासन हर हालात का सामना करने में पूरी तरह सक्षम और साधन संपन्न है. हमारे पास इलाज की पूरी क्षमता उपलब्ध है.नये मरीज़ पहले से ही क्वारंटीइन कर लिए गए थे. सुरक्षित तरीक़े से विभिन्न होटल और मैरिज गार्डन में बनाए गए सेंटर में रखे गए थे.सभी मरीज़ों का बेहतर ढंग से इलाज कराया जाएगा.ज़िले के विभिन्न चिन्हित अस्पतालों में पर्याप्त संख्या में बेड उपलब्ध हैं. प्रशासन का स्थिति पर पूरा नियंत्रण है.साथ ही जिला अस्पताल में आने वाले मरीज़ों की संख्या में भी कमी आयी है. ये एक सकारात्मक संदेश है.

 

केन्द्रीय दल संतुष्ट

 

भारत सरकार के केन्द्रीय अध्ययन दल ने कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए इंदौर में किये जा रहे कार्यों की जानकारी ली.अध्ययन दल इंदौर में अभी तक किये गये काम से संतुष्ट नज़र आया. इस दल में दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के हेड डॉ.जुगल किशोर, राममनोहर लोहिया अस्पताल के डॉ रमेश अग्रवाल,एनसीडीसी की माइक्रोबायोलॉजिस्ट डॉ. प्रीति मदान,लेडी हर्डिंग अस्पताल की डॉ देवांग भारती शामिल थीं. उन्होंने एमजीएम मेडिकल कॉलेज में पैथालॉजिस्ट और माइक्रो बायोलाजिस्ट से चर्चा की और नये बने वायरोलॉजी लैब का भी निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने सेम्पलिंग और टेस्टिंग की जानकारी ली. टीम ने कमिश्नर आकाश त्रिपाठी और कलेक्टर मनीष सिंह से बात की. टीम ने कहा केन्द्र सरकार के नेशनल सेंटर फॉर डिसीज कन्ट्रोल से इंदौर को हर संभव मदद दिलायी जाएगी. साथ ही जिला प्रशासन इंदौर को प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग भी शीघ्र उपलब्ध कराएंगे.

 

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