कोरोना याचिका : हाईकोर्ट का त्वरित सुनवाई इनकार

April 18, 2020

 

COVID - 19 वायरस इंदौर में खासी तेजी से फैला है, कोरोना संक्रमण (Corona Infection) के चलते शहर के बिगड़ते हालात को लेकर दायर जनहित याचिका को हाईकोर्ट (High Court) ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है. इंदौर के समाजसेवी किशोर कोडवानी (Kishore Kodwani) और दिनेश रावत ने उक्त जनहित याचिका दायर की थी व याचिका के  माध्यम से स्वास्थ्य सेवा, खाद्य सामग्री सप्लाई और स्कूल फीस जैसे विषय को उठाया गया है. अब लॉकडाउन खत्म होने के बाद ही इस याचिका पर सुनवाई होगी.

 

याचिका में लॉकडाउन और कर्फ्यू के दौरान उपजे कई मुद्दे जैसे,  इंदौर में निजी अस्पताल और डॉक्टरों ने अपनी सेवाएं बंद कर दी हैं. सब्जी-फल जैसी सेवाएं स्थानीय प्रशासन ने बंद कर रखी हैं. प्रशासन की किराना सप्लाई फेल हो गई है. क्षेत्रीय किराना दुकान पर स्टॉक समाप्त हो गया है. आम आदमी के पास नकद पैसा नहीं है. बैंकों से नकदी निकाले जाने वाले लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है. 38 प्रतिशत दिहाड़ी से आजीविका करने वालों की और बुरी हालत है, आदि उठाये है। 

 

तत्काल सुनवाई का आवेदन खारिज होने के बाद सामाजिक कार्यकर्ता किशोर कोडवानी ने कहा कि कोरोना संक्रमित संख्या और संक्रमित से मरने वालों के प्रतिशत मामले में इंदौर, दुनिया के औसत से दोगुना और दिल्ली से चार गुना प्रभावित पाया गया है. दुनिया का औसत 10 लाख जनसंख्या पर 307 संक्रमित हैं तो इंदौर में 581 है. ये संख्या दिल्ली में 149 है. उन्होंने कहा कि संक्रमितों में मरने वाले लोगों का आंकड़ा दुनिया में 6.71 प्रतिशत तो दिल्ली में 2.26 प्रतिशत और इंदौर में 4.12 प्रतिशत पार कर गया है. प्रदेश में यह आंकड़ा 5.42 प्रतिशत है जबकि देश का औसत 3.30 प्रतिशत है. चिकित्सा के मामले में इंदौर प्रदेश का मेडिकल हब होने के बावजूद यह हालत ठीक नहीं हैं.

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