शासन बदला पर प्रशासन वही

January 3, 2019

रतलाम में निगम की गडबडी उजागर करना पडा भारी,चालीस साल पुराने घर को तोडने का नोटिस दिया

 

 

नगर निगम में व्याप्त अनियमितताओं को उजागर करना किसी नागरिक को कितना भारी पड सकता है,इसका ताजा उदाहरण हाल ही में सामने आया है। नियम विरुध्द अवैध निर्माण की शिकायत करने वाले बजाजखाना निवासी रमेशचन्द्र जैन को उनके चार दशक पुराने पुश्तैनी मकान को तोडने का नोटिस नगर निगम द्वारा दिया गया है। इस मामले में गृहस्वामी रमेशचन्द्र जैन ने निगम को अपना उत्तर प्रस्तुत कर कहा है कि उन्हे दिया गया नोटिस दुर्भावनापूर्वक पूर्वाग्रह से ग्रस्त होकर दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि बजाजखाना में रमेशचन्द्र जैन का पुश्तैनी मकान स्थित है। नगर निगम द्वारा विगत 29 दिसम्बर 2018को रमेशचन्द्र जैन को नोटिस देकर कहा गया है कि उनके द्वारा जारी निर्माण में एमओएस का उल्लंघन किया गया है। अत: वे जारी निर्माण कार्य को तत्काल रोक दें। नोटिस में जैन को अपना स्पष्टीकरण या उत्तर देने के लिए 31  दिसम्बर 2018 तक का समय दिया गया था। नोटिस में यह भी कहा गया है कि यदि निर्धारित अवधि में  जैन द्वारा कोई उत्तर नहीं दिया जाता,तो नगर निगम द्वारा अवैध निर्माण हटाने की कार्यवाही शुरु की जाएगी।

 

नोटिस मिलने के बाद रमेशचन्द्र जैन ने निर्धारित अवधि के भीतर ही अपना उत्तर प्रस्तुत कर निगम के अधिकारियों पर दुर्भावनापूर्वक कार्यवाही करने का आरोप लगाया है। अपने उत्तर में जैन ने बताया कि उक्त मकान चालीस वर्ष से भी अधिक समय पूर्व रमेशचन्द्र जैन के दादाजी ने बनवाया था। जैन का कहना है कि उस समय उनके दादा जी ने नियमानुसार ही मकान बनवाया था,परन्तु आज उनके पास उस समय करवाए गए निर्माण से सम्बन्धित कोई अनुमति उपलब्ध नहीं है।

 

पीड़ित जैन ने अपने उत्तर में बताया है कि उनके मकान से लगे हुए मकानों में हाल के दिनों में निर्माण कार्य किया गया है और निर्माण कार्य अब भी जारी है। इस निर्माण के चलते पीड़ित जैन के मकान की दीवार डैमेज हुई,जिसकी शिकायत भी उनके द्वारा निगम को की गई थी। लेकिन उनकी शिकायत पर नगर निगम द्वारा आज तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है।

 

पीड़ित जैन ने अपने उत्तर में यह भी कहा है कि रतलाम नगर में अनेक मकानों व दुकानों का निर्माण नियमों को ताक पर रख कर किया गया है,परन्तु निगम के अधिकारियों ने इसकी जानकारी होने के बावजूद इन अवैध निर्माणों के विरुध्द आज तक कोई कार्यवाही नहीं की है। पीड़ित जैन ने अपने उत्तर में आरोप लगाया है कि उनके द्वारा चांदनीचौक स्थित छाजेड मार्केट के अवैध निर्माण के विरुध्द की गई शिकायत और न्यायालयीन कार्यवाही से भडक कर निगम के अधिकारियों द्वारा द्वैषतापूर्वक उनके विरुध्द कार्यवाही करने का नोटिस दिया गया है। छाजेड मार्केट के अवैध निर्माण को हटाने के आदेश पर न्यायालय का स्थगनादेश निरस्त होजाने के बावजूद निगम के अधिकारी वह अवैध निर्माण हटाने को राजी नहीं है,लेकिन दूसरी तरफ पीड़ित जैन के चार दशक पुराने पुश्तैनी मकान को तोडने की धमकी दी जा रही है।

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