संतान सप्तमी या संतान सांते व्रत की महिमा

September 16, 2018

 
संतान सप्तमी भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि को मनाया जाता है। जो की शिव एवं पार्वती से सम्बंधित है। संतान की लंबी आयु और उन्नति के लिए माताएं यह व्रत रखती हैं। इस व्रत में भगवान शिव और माता पार्वती की श्रद्धापूर्वक पूजा कर संतान की उन्नति एवं दीघार्यु होने के लिए प्रार्थना की जाती है ।

संतान सप्तमी पर व्रत रखने और मां पार्वती एवं भगवान शिव की आराधना करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है और तेजस्वी संतान की प्राप्ति होती है। माता-पिता दोनों भी संतान की उन्नति और दीघार्यु की कामना के लिए यह व्रत कर सकते हैं। इस व्रत में दोपहर के समय  पूजा की जाती है । शाम  के समय में भगवान शिव एवं माता पार्वती की आरती की जाती है । संतान की रक्षा के लिए भगवान शिव एवं माता पार्वती पर लच्छा अर्पित करें और बाद में इसे स्वयं धारण करें।

 

 

 

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