कक्काजी ने चेताया : किसान आंदोलन दबाने का प्रयास न करे शिवराज

May 29, 2018

फिर भड़क सकती है हिंसा 
 

 

आगामी जून माह में किसान अपना हक मांगने के लिए एक से दस जून तक गांव बंद आंदोलन करेंगे। मध्य प्रदेश शासन उन्हें दबाने का प्रयास कर रही है। किसानों को धमकाया जा रहा है। जबरन नोटिस टिका कर  दस हजार से पच्चीस हजार रुपए तक के बॉन्ड भरवाए जा रहे हैं कि वे आंदोलन में शामिल नहीं होंगे। सरकार की दमनकारी नीति जारी रही तो किसान समय से पहले विद्रोह कर सकते हैं। इसके परिणाम भी होंगे -  राष्ट्रीय मजदूर किसान महासंघ के अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा कक्काजी ने साफ़ शब्दों में कहा । आगे कहा कि २२ राज्यों के १३० किसान संगठन मिलकर यह आंदोलन कर रहे हैं। इसमें मध्यप्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, उत्तरप्रदेश, कर्नाटक, केरल आदि प्रमुख हैं। आंदोलन को लेकर सरकार से कोई चर्चा नहीं होगी। कई बार चर्चा हो चुकी है। अब मांगे पूरी करते हुए सरकार से लिखित आदेश चाहिए। राष्ट्रीय किसान मजदून महासंघ के अध्यक्ष शिवकुमार के अनुसार जिस हिसाब से महंगाई बढ़ी है और फसल की लागत बढ़ी है। उसकी# तुलना में किसानों को सिर्फ नुकसान हो रहा है। सरकार ने जितनी योजनाएं बनाई, किसी ने किसान की समस्या का समाधान नहीं किया। वह कहते हैं कि अब सरकार भयभीत हो गई है इसलिए डरा धमका रही है। उन्होंने दावा किया कि हमने किसानों से कहा है कि वे गांव बंद आंदोलन के दौरान भी अपनी फसल मण्डी में तुलवाने जा सकते हैं। दस दिन में कब-क्या छह जून की शहदात दिवस, आठ को असहयोग दिवस और दस जून को भारत बंद। शहर से गांव आने की छूट कक्काजी ने कहा कि हमारी मंशा शहर के लोगों को परेशान करने की नहीं है। वे गांव में आकर उचित दाम पर दूध, फल, सब्जी आदि ले सकते हैं। कक्काजी ने कहा कि सरकार ने २२ पूंजपतियों को १७.१२ लाख करोड़ का टैक्स माफ कर सकती है तो किसानों का ६.२५ लाख करोड़ का कर्ज क्यों माफ नहीं कर सकती।

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