किसान आंदोलन को लेकर मध्य प्रदेश शासन हुआ चौकस अलर्ट

May 23, 2018

आदेश दिया है कि किसानों को उकसाने और गड़बड़ी करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा

 

आगामी जून माह में मध्य प्रदेश के किसान संगठनों द्वारा एक से दस जून तक आंदोलन के मामले में सरकार चौकस हो गई है, आदेश दिया है कि किसानों को उकसाने और गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्ती से निपटा जाएगा.
शासन के कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन का कहना है की पूरे राज्य में किसान संगठन नहीं बल्कि कांग्रेस किसानों को उकसाने का काम कर रही है, साथ ही  मंदसौर गोलीकांड की घटना के बहाने प्रदेश की फिजां को खराब करने की कोशिश की जा रही है.. कृषि मंत्री के मुताबिक राज्य सरकार किसान को उसकी उपज का सही दाम देने का काम कर रही है. लेकिन विकास में रोड़ा विपक्ष किसानों के नाम पर माहौल बिगाड़ने में लगी है.

उल्लेखनीय है की किसानों का आंदोलन एक जून से शुरू होगा जिसने पुलिस समेत इंटेलीजेंस की नींद उड़ा दी है. किसान एक जून से अपने उत्पाद शहर में लाकर नहीं बेचेंगे. किसान आंदोलन में अब तक मंदसौर, नीमच, इंदौर, धार, उज्जैन, देवास, शुजालपुर, आगर-मालवा, रतलाम, खंडवा, खरगौन जिले को ही संवेदनशील माना जा रहा था, लेकिन किसान नेताओं की सक्रियता इन जिलों के साथ ही भोपाल, विदिशा, सीहोर, राजगढ़, रायसेन, जिलों में भी बढ़ी है.

हाल ही में विभिन्न्न सूत्रों के हिसाब से  होशंगाबाद, हरदा और सबसे ज्यादा इसमें संवेदनशील नरसिंहपुर जिले को माना गया है. यहां पर किसानों की कई मांगों के लेकर आंदोलन लगातार चल रहे हैं. वहीं श्योपुर, शिवपुरी, रीवा, सीधी में भी किसान संगठन अपने आंदोलन को लेकर लगातार बैठक कर रहे हैं.

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