आसाराम बलात्कार के दोषी, वकील बोले- कम से कम सजा मिले

April 25, 2018

आसाराम के अलावा अदालत ने शिल्‍पी और शरदचंद्र को दोषी करार दिया. जबकि शिवा और प्रकाश को बरी कर दिया. जोधपुर सेंट्रल जेल के अंदर बनी विशेष कोर्ट के जज मधुसूदन शर्मा ने फैसला सुनाया, दोषी करार देने के बाद आसाराम की तबियत बिगड़ी

 

 

जोधपुर सेंट्रल जेल की एससी/एसटी विशेष अदालत ने नाबालिग से बलात्कार के मामले में आसाराम को दोषी करार दे दिया. आसाराम के अलावा अदालत ने शिल्‍पी और शरदचंद्र को दोषी करार दिया, जबकि शिवा और प्रकाश को बरी कर दिया. जोधपुर सेंट्रल जेल के अंदर बनी विशेष कोर्ट के जज मधुसूदन शर्मा ने अपना अहम फैसला सुनाया. जोधपुर सेन्ट्रल जेल में आसाराम बीते चार साल से अधिक समय से जेल में बंद हैं. 

आसाराम को भारतीय दंड संहिता की धारा 376 और यौन अपराध बाल संरक्षण अधिनियम (पोक्सो) के तहत दोषी ठहराया गया. वह यौन उत्पीड़न के दो मामलों में मुकदमे का सामना कर रहे हैं. एक मुकदमा यहां राजस्थान में चल रहा है, जबकि दूसरा गुजरात में चल रहा है.

आसाराम को दोषी करार दिए जाने के बाद पीड़िता के पिता ने कहा कि अदालत से हमें इंसाफ मिला. आसाराम को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए.

दोषी करार दिए जाने के बाद आसाराम की प्रवक्‍ता नीलम दुबे ने कहा - हम अपनी लीगल टीम से चर्चा करेंगे और अपने अगले कदम के बारे में सोचेंगे. हमें न्‍यायपालिक पर पूरा भरोसा है.

फैसले के चलते सुरक्षा के मद्देनजर जोधपुर सेंट्रल जेल समेत पूरे जिले में सुरक्षा व्‍यवस्‍था कड़ी रखी गई और निषेधाज्ञा लागू की गई. राम रहीम पर फैसले के बाद पंचकूला में हुई हिंसा को ध्‍यान में रखते हुए केन्द्र ने राजस्थान, गुजरात और हरियाणा सरकारों से सुरक्षा बढ़ाने और अतिरिक्त बल तैनात करने को कहा था, क्योंकि इन तीनों राज्यों में 77 साल के आसाराम के बड़ी संख्या में अनुयायी हैं. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक संदेश जारी कर तीनों राज्यों से सुरक्षा मजबूत करने को कहा. साथ ही यह सुनिश्चित करने को भी कहा गया कि अदालत के आदेश के बाद कोई हिंसा नहीं फैले. गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि तीनों राज्यों से संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त बल तैनात करने के लिए कहा गया. 

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