जननेता शब्द की जिवंत परिभाषा - हिम्मत कोठारी

February 3, 2018

रतलामी राजनीति की धुरी हिम्मत कोठारी का जन्म दिवस विशेष   

 

शहर भर में आज दिन भर होंगे विभिन्न कार्यक्रम 

 

 

लगभग चार दशक से एक स्वच्छ, बेदाग़ एवं कुशल राजनीतिज्ञ रहना जन नेता हिम्मत कोठारी के माद्दे को स्वयं सिद्धः करता है. हिम्मत कोठारी रतलाम ही नहीं प्रदेश की राजनीति में प्रकाश गृह है. रतलाम की राजनीति में इतना लम्बा राजनैतिक जीवन - छात्र राजनिति, विधायक, मंत्री  तक के सफर में सभी उतार चढाव को धता बताते हुए खुद को पुरोधा साबित किया है.  सफलता की सोपान चढ़ता गया है उनके सफलतम बेदाग एवं परोपकारी जीवन का ही परीणाम है कि अराजनैतिक संस्थाएँ  उनके राजनैतिक जीवन को आर्दश बनाकर मानव सेवा का महाकुंभ आयोजित करती है ।

स्वतंत्रा के कुछ माह पूर्व 03 फरवरी 1947 के दिन कोठारी परिवार में हिम्मत का जन्म हुआ  पिता श्री नेमीचंद जी कोठारी का परिवार व्यावसायीक क्षेत्र से जुड़ा होने के बावजुद भी हिम्मत कोठारी ने स्कूली शिक्षा सम्पन्न होने के बाद उच्च शिक्षा हेतु महाविद्वालय में प्रवेश किया तो परिवार के पारंपरिक व्यवसाय से अलग हटकर वर्ष 1968-69 में छात्र राजनित में प्रवेश किया और रतलाम के साथ साथ विक्रम विश्वविद्यालय को उर्जावान जुझारु कर्मठ छात्रनेता मिला।  छात्र राजनिति के दौरान मध्य प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री श्यामाचरण शुक्ला के काल में नगर में मेडिकल कालेज खुलवाने हेतु प्रमुख आंदोलन किया ।

श्री हिम्मत कोठारी ऐसा नाम हो ग

या कि विभिन्न राजनिति संगठनों के वरिष्ठ नेताओं वाले संयुक्त संर्घष समिति का नेतृत्व किया।  कई वर्षो पूर्व ही श्री कोठारी ने रतलाम का कन्या महाविद्यालय, स्वीमिग पुल एवं ग्रामीण विकास प्राधिकरण की मांग मंजूर करवाई । छात्र जीवन से ही विद्यार्थी मोर्चा से जुड़कर उसे सक्रिय बनाया।  कोठारी ने  विद्यार्थी परिषद के महामंत्री का दायीत्व भी बखूबी निभाया इनके नेतृत्व में अनेको बार छात्रसंघ के चुनावों में सफलता हासिल की । छात्रों के लिए संर्घषशील रहना एवं समय समय पर नगर की मूलभूत समस्याओं के लिए आंदोलन करते करते भारतीय जनसंघ की रीती नीति एवं कुशाभाऊ ठाकरे के व्यक्तित्व से प्रभावित होकर राजनिति में प्रवेश किया और 1972 में जनसंघ के नगर अध्यक्ष बने श्री हिम्मत कोठारी ने श्रमिक समस्याओं के लिए भी आन्दोलन किए तथा विभिन्न आद्यौगिक संस्थानो में ट्रेड यूनियनों के अध्यक्ष रहे । राजनैतिक जीवन की शुरुवात के पश्चात सफलता की पहली पायदान चढ़ते हुए  नगर पालिका के चुनाव में वरिष्ठ काग्रेसी नेता एवं तत्कालीन न.पा. अध्यक्ष को पराजित कर पार्षद बने ।

         तत्कालिन प्रधानमंत्री श्रीमती इन्दिरा गॉधी द्वारा आपातकाल की घोषणा के विरोध एवं आंदोलन के कारन  मीसा एक्ट  में जेल भेज दिया गया जहॉ इन्दौर जेल में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सर संघचालक सर्व श्री  सी सुर्दशन जी, श्री कुशाभाउ ठाकरे , श्री रामनारायण जी शास्त्री , श्री बंसन्त राव प्रधान , श्री सुन्दर लाल पटवा ,  श्री विरेन्द्र कुमार सकलेचा , डा श्री लक्ष्मीनारायण जी पाण्डे ,  श्री राजेन्द्र जी धारकर,  श्री शरद यादव ,  मामा बालेश्वर दयाल जी  का  मार्गदर्शन मिला ।

19 माह मिसा में जेल काटने के बाद कोठारी ने अपना पहला विधानसभा चुनाव 1977 में लड़ा और चुनाव जीतकर विधान सभा पहोचे । दूसरी बार पुनः 1980 के विधानसभा चुनाव में विजयी रहे । 1985 में लगातार तीसरी बार विधानसभा चुनाव जीतकर हैट्रिक बनाई 1984 एवं 1986 में कोठारी ने अपने शहर के लिए  धोलावाड़ जलाशय  के द्वितीय चरण तथा सज्जनमिल श्रम समस्याओ के लिए आमरण अनशन किया । सन 1987 में भाजपा के रतलाम  जिलाध्यक्ष रहे तथा भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश महा मंत्री रहे । सन 1990 में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी तब आप प्रचण्ड मतों से विजयी रहे एवं हिम्मत कोठारी को मुख्यमंत्री पटवा मंत्रीमण्डल में लोक निमार्ण विभाग का मंत्री का कार्यभार सौपा गया ।

काजल की कोठरी कहे जाले वाले लोक निमार्ण विभाग  में स्वच्छ एवं बेदाग छवि कायम कर  पौने तीन वर्ष के कार्यकाल में पूरे प्रदेश में करीब एक हजार करोड़ रुपयें के विकास कार्य किए । वर्ष 1998 एवं 2003 का विधानसभा चुनाव पुनः विजय रहे और श्री बाबुलाल गौर एवं  शिवराज सिह चौहन की सरकार में भी  मंत्री के रुप में गृह एवं परिवहन एवं  वन एवं सहकारीता विभाग का दायित्व कुशलता पुवर्क संभाला ,  हिम्मत कोठारी की पहचान पूरे प्रदेश में एक कुशल प्रशासक एवं निडर , ईमानदार राजनेता के रुप में होती है। इनके  मंत्रीत्व के बेदाग कार्यकाल का यह प्रमाण है कि विपक्षी पार्टी द्वारा भी आपके कार्य की प्रंशसा करती है ।

 

वर्ष 2008 में   कोठारी को लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी एवं बलराम जाखड़ द्वारा उत्कृष्ट मंत्री के सम्मान से नवाजा गया ।
कोठारी जब जब विपक्ष में रहे तो अपने शहर रतलाम के विकास के लिए संघर्ष किया और कार्यकर्ताओ  के साथ धरना, अनशन, आंदोलन किये। कई बार लाठियां खायी , जेल गए और यहाँ तक की आमरण अनशन तक किया और सरकार को रतलाम में विकास कार्य करने को मजबूर किया । जब तत्कालीन अर्जुनसिंह सरकार ने सज्जन मिल को बंद करने का निर्णय लिया तो कोठारी ने 11 दिन अन्न जल त्याग कर आमरण अनशन किया और सरकार को अपना निर्णय वापस लेने के लिए मजबूर किया । जब बात रतलाम में पेयजल संकट की आयी तो एक बार फिर 5 दिन का आमरण अनशन कर धोलावाड़ पेयजल योजना का प्रथम चरण स्वीकृत करवाया ।

 

जब भाजपा की सरकार बनी और कोठारी को मंत्रिमंडल में स्थान मिला तब रतलाम के विकास हेतु कोठारी ने गंभीरता से प्रयास किया । मेडिकल कॉलेज, लेबड़ नयागांव फोरलेन, कनेरी जलाशय योजना,  पेयजल योजना, जामड़ पार्क, सज्जन मिल एवम अल्कोहल प्लांट के श्रमिकों को बकाया 13 करोड़ का भुगतान,रतलाम बांसवाड़ा रोड, रतलाम झाबुआ रोड, रतलाम खाचरोद रोड, रतलाम में 15 करोड़ की सड़क निर्माण, सुजलॉन पवन चक्कियां, इंजेरिंग कॉलेज की स्वीकृति, शासकीय चिकित्सालय के कायाकल्प के साथ साथ उसमें ट्रामा सेंटर, नवजात शिशु हेतु पबन, नविन प्रसूति गृह, सज्जन मिल और महू रोड ओवर ब्रिज, अलकापुरी, मुखर्जी नगर, डोंगरे नगर जैसी आवासीय योजना, तरणताल, अमृतसागर, कलिका माता उद्यान , हनुमान ताल जीर्णोद्धार, जैसी अनेक सौगात रतलाम को मिली तथा आद्योगिक विकास हेतु रतलाम को श्रेणी परिवर्तन करवाया जिससे कई उद्योग पुनः प्रारम्भ हुए और कई का विस्तारीकरण हुआ । जब कोठारी के मंत्रितकाल में जहा हॉस्पिटल रोड, शहरसराय, गायत्री टाकीज के सामने का अतिक्रमण हटाया गया वही उनका पुनः विस्थापन भी करवाया गया ताकि कोई बेरोजगार न हो पाए ।
कोठारी के काम करने के अंदाज के बारे में कह सकते हे की बातें कम काम ज्यादा चिकित्सा के क्षेत्र  में आपका ऐतिहासीक योगदान रहा है । बाल चिकित्सालय के निमार्ण हेतु भीषण गर्मी में नंगे पैर घुमते हुए एक.एक रुपया नगरवासीयों से एकत्रीत किया जिसका परिणाम है कि आज नगर के बाल चिकित्सालय में हजारों नन्ही  जिदंगीया नया जीवन दान प्राप्त कर रही है। कोठारी के  हदय में निर्धन वर्ग के लोगों के लिए सकारात्मक एवं रचनात्मक कार्य करने की ललक हमेशा रहती है. रतलाम नगर के पाचॅ हजार झुग्गीवासीयों को पक्की छत मुहैया करवाने का जन सहयोग से अभियान चलाया लगातार दस वर्षो तक आपने प्रयास संस्था के माध्यम से स्कुल बेग, बाल चिकित्सालय में निःशुल्क दवाई वितरण करायी साथ ही 180 हार्ट संबघी आपरेशन कराये । रतलाम को खेल क्षेत्र  में अनुठी पहचान दिलायी जिसमें रतलाम नगर के युवाओं की 356 टीमों का किक्रेट का महाकुंभ 10 वर्षो तक आयोजित कराया । राजनिति में ऐसे कम ही उदाहरण मिलते है कि दिपावली पर राजनेता निर्धन बस्तीयों में मिठाई ले जाकर उनके बीच खुशियॉ मानाता हो कोठारी ने ये कार्य कई वर्षो तक किया ।
हिम्मत  कोठारी की छवि एक ईमानदार राजनेता की रही जो विभिन्न पदों पर रहते हुए भी बेदाग रहा । इस कारण  विपक्षी दल भी उनकी ईमनानदारी का लोहा मानता है, हालांकि एक चुनाव में विपक्षी उम्मीदवार ने भ्रष्ट्राचार के झुठे आरोप लगायें तो जिसपर कोठारी ने माननीय उच्च न्यायालय में चुनौती दी और बेदाग निकल कर आये । यह अपने आप में कुशल राजनीतिज्ञ का अद्वितीय उदाहरण है ।

जन नेता, एवं रतलामी राजनीती के पुरोधा हिम्मत कोठारी के जन्मदिवस पर 3 फरवरी पर होंगे निम्न कार्यक्रम : 

प्रातः 8 बजे अलकापुरी चौराहे पर श्रमिक भाइयों को स्वल्पाहार

09.00 बजे निवास स्थान से डालूमोदी बाजार लिमड़ेश्वर मंदिर पर पूजा एवं कार्यकर्त्ता द्वारा स्वागत

9.30 पूर्णेश्वर मंदिर पूजा अर्चना

10.00 बजे चौमुखीपूल पर श्री अरुण चोरडिया मित्र मंडल द्वारा अभिनन्दन

10.15 पर गणेश देवरी श्री गणेश मंदिर पँर पूजा अर्चना

10.30 सेवाभारती सेवा सदन सुभाष नगर दाल मिल के सामने छात्रावास पर बच्चों के कार्यक्रम एवम बच्चों का भोजन

10.45 पर शहर सराय पर कार्यक्रम

11.00 बजे कालिका माता मंदिर में पूजा एवं श्री विनोद राठौर मित्र मंडल द्वारा निराश्रितों हेतु भोजन

11.30 मोचीपुरा मदरसा पर सन्मान समारोह

12.00 न्यूरोड कमल जैन मित्र मंडल द्वारा स्वागत कार्यक्रम

दोप 12.15 पर कॉलेज रोड पर गोपाल गेहलोद मित्रमण्डल द्वारा कार्यक्रम

12.30 बाल चिकित्सालय में कार्यक्रम

12.30 बजे नरेंद्र विचार मंच द्वारा सैलाना बस स्टैंड मण्डी पर कार्यक्रम

12ः45 सैलाना बस स्टेण्ड चौराहा पर स्वागत

01.0 बजे मुख बधिर स्कूल में कार्यक्रम

01.30 पर स्टेडियम स्टेडियम पर खेल संगठन द्वारा सम्मान समारोह

दोप 02 बजे से 04 बजे तक ग्रामीण क्षेत्र के विवाह समारोह में

शाम 5.30 भारतीय जनता पार्टी द्वारा सम्मान, जिला भाजपा कार्यालय पर

शाम 6.00 बजे गांधी नगर कुमकम मेरीज हाल पर सुनील सारस्वत मित्र मंडल द्वारा कार्यक्रम

शाम 7 बजे हनुमान रूण्डी पर जैन माइनॉरिटी सेल के कार्यक्रम

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