पीएम मन की बात:हाइलाइट्स

July 30, 2017

 

बारिश सुहानापन के साथ बाढ़ भी लाती है: पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि बारिश का मौसम लोगों के लिए लुभावना वक्त होता है. कभी-कभी बारिश से बाढ़ आती है तो इसका विकराल रूप सामने आता है. पर्यावरण में आ रहे बदलाव से बहुत कुछ बदल रहा है. प्राकृतिक आपदा का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार सब देख रही है. 

बाढ़ पीड़ितों की मदद करें: पीएम मोदी ने कहा कि भारत सरकार बाढ़ पीड़ितों की मदद का भरसक प्रयास कर रही है. लोग सेवा भाव से आगे आ रहे हैं. भारत सरकार की ओर से सेना, एनडीआरएफ के जवान सेवा में लगे हैं. बाढ़ में किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान होता है. सरकार ने इंश्योरेंस कंपनी को एक्टिव करने की योजना बनाई है. उन्होंने कहा कि मौसम को जो पूर्वानुमान मिल रहा है वह सही साबित हो रहा है. हमें भी अपने कार्यकलाप मौसम के अनुसार करें तो नुकसान से बचा जा सकता है.


जीएसटी से कारोबारी और ग्राहकों में बढ़ा विश्वास: पीएम मोदी ने कहा कि जीएसटी को लेकर लोगों  में उत्साह है. कई लोगों में जिज्ञासा है. उन्होंने बताया कि गुड़गांव की नीतू ने कहा कि जीएसटी के लागू  होने का असर बताएं. पीएम ने कहा कि जीएसटी को लागू हुए एक महीना हो रहा है. इससे फायदा हुआ है. चीजें सस्ती हुई हैं. पीएम ने कहा कि उत्तर पूर्व से लोगों ने कहा कि अब काम आसान हो गया है.

 

क्रांति का महीना है अगस्त: पीएम ने कहा कि अगस्त क्रांति का महीना है. इस दौरान भारत में आजादी की क्रांति हुई. इस महीने में कई घटनाएं आजादी से जुड़ी हैं. इस वर्ष भारत छोड़ो की 75वीं वर्षगांठ मनाने जा रहे हैं. भारत छोड़ो, यह नारा डॉ यूसुफ मेहर अली ने दिया था. इतिहास के पन्ने भारत की आजादी की प्रेरणा है. भारत छोड़ो में महात्मा गांधी ने करो या मरो का नारा दे दिया था. भारत का पहला स्वतंत्रता संग्राम 1857 में हुआ. तब से 1947 तक आंदोलन चलता गया. 1857-1942 में आजादी की ललक जन जन तक पहुंची. इन पांच वर्ष में देश को आजादी देने में निर्णायक साबित हुए. 
 

 

लाल किला से छोटा भाषण दूंगा: पीएम मोदी ने कहा कि 15 अगस्त को लाल किले से कोई व्यक्ति नहीं बोलता. देश की आवाज बोलती है. उन्होंने कहा कि मैं उसके लिए लोगों से सुझाव मांगता हूं. उन्होंने लोगों से विचार मांगें. पीएम ने कहा कि पिछले तीन बार से मुझे शिकायत मिली कि मेरा भाषण लंबा होता है. इस बार मैं भाषण छोटा करने का प्रयास करूंगा. 

 

रक्षाबंधन और जन्माष्टमी के जरिए समाज को जोड़ें: पीएम ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था में सामाजिक विश्वास है. उत्सव सामाजिक सुधार का अवसर है. उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन, जन्माष्टमी आदि कई उत्सव होंगे. यहां पर गरीब की मदद का संकल्प लें. इससे व्यक्ति और समाज में जुड़ाव आता है. 

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि रक्षाबंधन में कितने लोगों को रोजगार मिलता है. दीपावली में लोगों को रोजगार मिलता है. पीएम ने कहा कि त्योहारों में पर्यावरण का संरक्षण भी जरूरी है. उन्होंने कहा कि कई लोगों ने मुझे इस संबंध में चिट्ठी लिखी है. उन्होंने बताया कि लोगों को ईको फ्रेंडली गणेश मूर्ति बनाए जाने की जरूरत महसूस हो रही है. यह अपील पीएम ने की.

 

मिट्टी के गणेश जी पूजा करें: पीएम मोदी ने कहा कि समाज के लिए जिस गणेशोत्सव को आरंभ किया गया था. उस भावना को फिर से प्रबल बनाया जाए. पीएम ने कहा कि मिट्टी से बने हुए ही गणेश का इस्तेमाल हो. पीएम देश वासियों को आने वाले उत्सव की शुभकामनाएं दीं.

 

बेटियों के हार को देश ने कंधे पर उठाया: पीएम मोदी ने कहा कि हमारी बेटियां देश का नाम रोशन कर रही है. देशवासियों को उन पर गर्व है. उन्होंने महिला क्रिकेट विश्वकप का जिक्र कर कहा कि उनसे मिलकर अच्छा लगा. वे वर्ल्ड कप हार का बोझ महसूस कर रही थीं. पूरा देश उस बोझ को अपने कंधे पर उठाता है. मैंने उनसे कहा कि लोग मर्यादा से ज्यादा अपना गुस्सा फोड़ते हैं. उन्होंने कहा कि पहली बार ऐसा हुआ कि देशवासियों ने हार का बोझ अपने ऊपर लिया. 

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