रक्षा बंधन विशेष - व्‍यंजन

July 26, 2017

 

घेवर
ये एक राजस्‍थान का व्‍यंजन है इसे बनाने के लिए चाहिए, मैदा- 250 ग्राम, घी- 50 ग्राम, दूध- 50 ग्राम, पानी 800 ग्राम, घी या तेल- घेवर तलने के लिये। चाशनी बनाने के लिये चीनी- 400 ग्राम, पानी- 200 ग्राम।

ऐसे बनायें मैदा छान कर किसी बर्तन में निकाल लीजिये, घी को किसी बड़े बर्तन में डाल लीजिये और बर्फ डालकर हाथ से फेटिये, फेंटते हुए घी की जब क्रीम जैसी बन जाय तो बर्फ के टुकड़े निकाल कर हटा दीजिये और घी को एक दम चिकनी क्रीम बनने तक फेट लीजिये, अब इसमें मैदा थोड़ी थोड़ी डालते जाइये और फेटते जाइये। गाढ़ा होने पर दूध मिला दीजिये और थोड़ा थोड़ा पानी डाल कर खूब फेटिये, मैदा डालते जाइये। सारी मैदा डालकर अच्छी तरह मिलाइये। फेटते हुए चिकना गाढ़ा बैटर बना लीजिये, अब बैटर में थोड़ा थोड़ा पानी डालिये और घोल को खूब फेटिये, घोल में कोई गुठली न रहे और एकदम चिकना हो जाय। घोल की कन्सिस्टेन्सी एकदम पतली हो जिससे चमचे से घोल गिराने पर पतली धार से गिरे।

कढ़ाई में करीब पर्याप्‍त मात्रा में घी भर कर गरम कीजिये। अच्छी तरह गरम होने पर चेक करने के लिए एक बूंद मैदा डालिए, अगर बूंद घी में गिर कर तुरन्त ऊपर उठकर तैरने लगे तब घी घेवर के लिए तैयार है। अब मैदा का घोल किसी चमचे में भर कर बहुत ही पतली धार से इस गरम घी में डालिये, घोल डालने पर घी से उठे झाग ऊपर दिखाई देने लगते हैं। दूसरा चमचा घोल डालने के लिये 1-2 मिनट रुकिये, घी के ऊपर झाग खतम होने दीजिये, अब फिर से दूसरा चमचा घोल भरकर बिलकुल पतली धार से घोल घी में डालिये। आप जितना बड़ा घेवर बनाना चाहते हैं उसके हिसाब से उतना घोल आप कढ़ाई में डालेंगे। यह घोल नीचे तले में जाता और तैर कर वापस ऊपर आता है और पहली परत के ऊपर पहुंच कर परत बनाता है, यदि घेवर में बीच में जगह न रहे तो किसी चमचे की पतली डंडी से बीच से घोल हटाकर थोड़ी जगह बना सकते हैं। इसी जगह से घोल को डालते रहिये जब तक घेवर का आकार सही न हो जाय। अब गैस की फ्लेम मीडियम कर दीजिये और घेवर को मीडियम आग पर हल्का ब्राउन होने तक सिकने दीजिये। जब घेवर ऊपर से हल्का ब्राउन दिखने लगे तब निकाल कर थाली में रखिये। घेवर को निकालने के लिये किसी लकड़ी या स्टील की पतली छड़, या कलछी को ऊपर से उलटा पकड़ कर उसका प्रयोग करें।

अब 2 तार की चीनी की चाशनी तैयार कीजिये। इसके लिए भगोने में एक कप पानी में चीनी डाल कर गैस पर चाशनी बनने रखिये, उबाल आने के बाद 5-6 मिनट तक पकाइये, चाशनी को चम्मच से लेकर एक बूंद किसी प्लेट में गिराइये, ठंडा होने पर उंगली और अंगूठे के बीच चिपका कर देखिये, वह उंगली और अंगूठे के बीच चिपकनी चाहिये। जब उसमें दो तार बनने लगें तो समझिये चाशनी तैयार हो गई है। चाशनी को इतना ठंडा कीजिये कि उसे हाथ से छू सके और एक थाली लीजिये, थाली के ऊपर एक प्याली रख लीजिये, एक घेवर लेकर प्याली के ऊपर रखिये और चाशनी को चमचे से घेवर के ऊपर सारी सतह पर डालिये, चाशनी घेवर को मीठा करती हुई नीचे निकल जाती है, आपको घेवर ज्यादा या कम जैसा मीठा करना हो उसके हिसाब से चाशनी डालते जाइये। चाशनी डाल कर घेवर हवा में 1 घंटे सूखने दीजिये। आपके घोवर तैयार हैं।

 

 सिवंई

ये उत्‍तर भारत की रक्षा बंधन स्‍पेशल डिश है इसे बनाने के लिए चाहिए सेवई- 3/4 कटोरी़ चीनी- 3 छोटा स्पूऩ दूध- 2 बड़े कप। वैकल्पिक सामग्री के तौर पर मेवा (काजू, किशमिश, बादाम, पिस्ता), इलाइची पावडर- 1/4 छोटा स्पून, केसर- 4-5।

ऐसे बनायें पहले 2 कप दूध को एक कड़ाई या भगोने में डाल कर गैस पर गरम होने रख दे। अब जब तक दूध में उबाल आता है तब तक सारे मेवे को काट कर रख लें। सेवई को अलग से थोड़े से घी में डाल कर भून ले और फिर दूध में उबाल आने पर सारी सेवई को दूध में डाल दे। अब मध्‍यम आंच पर इसे अच्छे से उबलने दे। एक कटोरी में 2 स्पून गरम दूध लेकर केसर को डूबा कर कुछ देर के लिए रख दे। थोड़ी थोड़ी देर में दूध को चलाते रहे ताकि वो जले नहीं। जब सेवई पक जाए और दूध गाढ़ा होने लगे तो गैस को बंद कर दे और साथ में इलाइची पाउडर और केसर मिला दें। अब सारे मेवे को ऊपर से डाल कर मिलाये।

 

 

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